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कूल्हे के दर्द के कारण, लक्षण और उपचार

Dr. Abhishek Mishra

Joint Replacement, Orthopaedics and Spine M.B.B.S. (M.A.M.C) M.S. (ORTHO), M.Ch. (ORTHO)

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Hip Pain Causes, Symptoms & Treatment in Hindi

कूल्हे का दर्द (Hip Pain) किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है, लेकिन बुजुर्गों में यह एक आम समस्या है। यह दर्द कभी हल्की असुविधा के रूप में महसूस होता है, तो कभी इतना तेज हो सकता है कि चलना‑फिरना, सीढ़ियाँ चढ़ना या दैनिक गतिविधियाँ करना मुश्किल हो जाए।

कूल्हे के दर्द का सही इलाज तभी संभव है, जब इसके कारणों और लक्षणों को ठीक से समझा जाए। आइए विस्तार से जानते हैं।

कूल्हे के दर्द के कारण

उम्र बढ़ने के साथ‑साथ शरीर की मांसपेशियाँ, हड्डियाँ और जोड़ प्राकृतिक रूप से कमजोर होने लगते हैं। इसी कारण कूल्हे के जोड़ में दर्द की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

उम्र से जुड़ी प्रमुख समस्याएँ

  • ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis)
    यह कूल्हे के जोड़ का एक अपक्षयी रोग है, जिसमें जोड़ की उपास्थि (Cartilage) धीरे‑धीरे घिस जाती है। इसके कारण हड्डियाँ आपस में रगड़ खाती हैं, जिससे दर्द और जकड़न होती है।

  • रूमेटॉइड अर्थराइटिस / गठिया (Rheumatoid Arthritis)
    यह एक ऑटोइम्यून रोग है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली जोड़ पर हमला करती है। इससे कूल्हे के जोड़ में सूजन, दर्द और चलने में परेशानी होती है।

  • ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis)
    इस स्थिति में हड्डियों का घनत्व कम हो जाता है, जिससे वे कमजोर और भंगुर हो जाती हैं। इससे फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है।

    चोट या अन्य कारण

    • फ्रैक्चर (Fracture)

    • मांसपेशियों में खिंचाव या मोच (Strain & Sprain)

    • बर्साइटिस (Bursitis)

    • टेंडिनाइटिस (Tendinitis)

    बर्साइटिस और टेंडिनाइटिस कूल्हे के जोड़ के आसपास सूजन के कारण होते हैं, जो दर्द का प्रमुख कारण बन सकते हैं।

कूल्हे के दर्द के लक्षण

कूल्हे के दर्द के लक्षण दर्द की जगह और कारण पर निर्भर करते हैं। सामान्यतः दर्द कमर, जांघ या कूल्हे के आसपास महसूस होता है।

दर्द के प्रकार

  • तेज दर्द

  • सुस्त दर्द

  • जलन जैसा दर्द

अन्य लक्षण

  • जोड़ में जकड़न और गति की कमी

  • सूजन

  • सुन्नता या झुनझुनी

  • चलने या खड़े होने में कठिनाई

यदि ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो किसी अनुभवी आर्थोपेडिक डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है।

कूल्हे के दर्द के उपचार के विकल्प

कूल्हे के दर्द का इलाज उसकी गंभीरता और कारण पर निर्भर करता है। शुरुआती या हल्के मामलों में गैर‑सर्जिकल उपचार प्रभावी होते हैं।

गैर‑सर्जिकल उपचार

  • आराम और गतिविधियों में बदलाव

  • फिजियोथेरेपी

  • दर्द निवारक दवाएँ

  • नॉन‑स्टेरॉइडल एंटी‑इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs)

  • कॉर्टिकोस्टेरॉइड इंजेक्शन

  • मांसपेशियों को आराम देने वाली दवाएँ

सर्जिकल उपचार

जब दवाओं और थेरेपी से आराम न मिले, तब सर्जरी की सलाह दी जाती है:

  • हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी (Hip Replacement Surgery)
    गंभीर ऑस्टियोआर्थराइटिस या जोड़ के अधिक क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में की जाती है।

  • आर्थ्रोस्कोपिक सर्जरी (Arthroscopic Surgery)
    यह एक न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी होती है, जिसमें छोटे कट लगाकर समस्या का इलाज किया जाता है।

सर्जरी की लागत डॉक्टर के अनुभव और उपयोग की जाने वाली तकनीक पर निर्भर करती है।

कूल्हे के दर्द से बचाव

कुछ कारणों को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन सही आदतों से जोखिम कम किया जा सकता है।

बचाव के उपाय

  • नियमित व्यायाम करें

  • स्वस्थ वजन बनाए रखें

  • दर्द बढ़ाने वाली गतिविधियों से बचें

  • नियमित स्ट्रेचिंग और हल्की गतिविधियाँ करें

अपने शरीर के संकेतों को समझना बहुत जरूरी है। इससे मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं और चोट का खतरा कम होता है।

निष्कर्ष

कूल्हे के दर्द के कारण, लक्षण और उपचार को समझना जरूरी है, क्योंकि यह जीवन की गुणवत्ता को सीधे प्रभावित करता है। बढ़ती उम्र, चोट, मांसपेशियों में खिंचाव या गठिया जैसी समस्याएँ कूल्हे के दर्द का कारण बन सकती हैं।

यदि आप लंबे समय से कूल्हे के दर्द से परेशान हैं, तो सही जांच और समय पर इलाज के लिए किसी अनुभवी आर्थोपेडिक विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। सही उपचार से आप फिर से दर्द‑मुक्त और सक्रिय जीवन जी सकते हैं।